Jab Shiv ka Damru Bolega
यहाँ भगवान शिव का यह सुंदर भजन हिंदी और हिंग्लिश (Hinglish) दोनों में दिया गया है:
हिंदी (Hindi)
जब शिव का डमरू बोलेगा तेरा पाप पुण्य सब टोलेगा
तेरे कर्मो का सारा खाता महादेव के आगे खोलेगा
जब शिव का डमरू बोलेगा तेरा पाप पुण्य सब टोलेगा
ये डमरू तेरे पास में है हर धड़कन में हर साँस में है
इसे सब है पता के मन किसका किस प्यास में है किस आस में है
विश्वाश है कितना शिव में तुझे ये मैं को तेरे टटोरेगा
जब शिव का डमरू बोलेगा तेरा पाप पुण्य सब टोलेगा
ये डमरू शिव का है प्यारे इसने देखे है युग सारे
डमरू प्यारा है भोले का भोले डमरू के है प्यारे
वो निश्चय मुक्ति पायेगा जो डमरू के संग बम बम बोलेगा
जब शिव का डमरू बोलेगा तेरा पाप पुण्य सब टोलेगा
लक्खा की बात रवि ध्यान से सुन इस डमरू में है गुण ही गुण
माँ पारवती ये कहती है जब डमरू बजे तो शुभ हो शगुन
डमरू की बात जो समझ ले वो जग में कभी न डोलेगा
जब शिव का डमरू बोलेगा तेरा पाप पुण्य सब टोलेगा
हिंग्लिश (Hinglish)
Jab Shiv ka damru bolega, tera paap punya sab tolega
Tere karmo ka saara khaata, Mahadev ke aage kholega
Jab Shiv ka damru bolega, tera paap punya sab tolega
Ye damru tere paas mein hai, har dhadkan mein har saans mein hai
Ise sab hai pata ke mann kiska kis pyaas mein hai, kis aas mein hai
Vishwas hai kitna Shiv mein tujhe, ye main ko tere tatorega
Jab Shiv ka damru bolega, tera paap punya sab tolega
Ye damru Shiv ka hai pyaare, isne dekhe hai yug saare
Damru pyaara hai Bhole ka, Bhole damru ke hai pyaare
Wo nishchay mukti paayega, jo damru ke sang Bam Bam bolega
Jab Shiv ka damru bolega, tera paap punya sab tolega
Lakkha ki baat Ravi dhyan se sun, is damru mein hai gun hi gun
Maa Parvati ye kehti hai, jab damru baje to shubh ho shagun
Damru ki baat jo samajh le, wo jag mein kabhi na dolega
Jab Shiv ka damru bolega, tera paap punya sab tolega
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Jab Shiv Ka Damru Bolega: भजन का संपूर्ण भावार्थ और व्याख्या
भगवान शिव के भक्तों के बीच “Jab Shiv ka Damru Bolega” (जब शिव का डमरू बोलेगा) एक बेहद लोकप्रिय और ऊर्जा से भर देने वाला भजन है। यह भजन हमें जीवन की सच्चाई, कर्मों के फल और भगवान शिव की अपार महिमा का स्मरण कराता है। आइए, इस अद्भुत भजन के एक-एक पद का सरल हिंदी में भावार्थ समझते हैं।
पहला पद (Stanza 1)
जब शिव का डमरू बोलेगा तेरा पाप पुण्य सब टोलेगा
तेरे कर्मो का सारा खाता महादेव के आगे खोलेगा
भावार्थ (Meaning):
इस पंक्ति में कहा गया है कि जब प्रलय काल या न्याय के समय भगवान शिव (महादेव) का डमरू बजेगा, तब मनुष्य के जीवन भर के पाप और पुण्य का हिसाब किया जाएगा। आपने अपने जीवन में जो भी अच्छे या बुरे कर्म किए हैं, उन सभी का पूरा बही-खाता (Record) स्वयं महादेव के सामने खुल जाएगा। इसलिए मनुष्य को हमेशा सत्कर्म करने चाहिए।
दूसरा पद (Stanza 2)
ये डमरू तेरे पास में है हर धड़कन में हर साँस में है
इसे सब है पता के मन किसका किस प्यास में है किस आस में है
विश्वाश है कितना शिव में तुझे ये मैं को तेरे टटोरेगा
भावार्थ (Meaning):
भोलेनाथ का यह डमरू कहीं दूर नहीं, बल्कि हमारी हर धड़कन और हर साँस में बसा हुआ है। हमारी अंतरात्मा ही वह डमरू है जो सब जानती है कि हमारे मन में क्या लालसा है, हम क्या पाना चाहते हैं और हमारी नीयत कैसी है। जब समय आएगा, तो यह डमरू आपके अहंकार (मैं) को खत्म करके यह परखेगा कि आपको भगवान शिव पर कितना सच्चा विश्वास है।
तीसरा पद (Stanza 3)
ये डमरू शिव का है प्यारे इसने देखे है युग सारे
डमरू प्यारा है भोले का भोले डमरू के है प्यारे
वो निश्चय मुक्ति पायेगा जो डमरू के संग बम बम बोलेगा
भावार्थ (Meaning):
भगवान शिव का यह डमरू अनादि काल से है और इसने सतयुग से लेकर कलियुग तक सारे युग देखे हैं। शिवजी को अपना डमरू अत्यंत प्रिय है और डमरू को शिवजी। जो भी भक्त सच्चे मन से शिव के डमरू की ताल से ताल मिलाकर ‘बम बम भोले’ का जाप करेगा, उसे निश्चित रूप से जीवन-मरण के चक्र से मुक्ति (मोक्ष) मिल जाएगी।
चौथा पद (Stanza 4)
लक्खा की बात रवि ध्यान से सुन इस डमरू में है गुण ही गुण
माँ पारवती ये कहती है जब डमरू बजे तो शुभ हो शगुन
डमरू की बात जो समझ ले वो जग में कभी न डोलेगा
भावार्थ (Meaning):
भजन के अंत में गायक (लक्खा जी) कहते हैं कि इस डमरू की महिमा अनंत है और यह अनगिनत गुणों से भरा है। स्वयं माता पार्वती भी कहती हैं कि जब शिव का डमरू बजता है, तो वह अत्यंत शुभ और मंगलकारी शगुन होता है। जो व्यक्ति शिव के डमरू (यानी शिव के ज्ञान और जीवन की सच्चाई) को समझ लेता है, उसका मन इस मोह-माया वाले संसार में कभी नहीं भटकता (डोलेगा) और वह हमेशा स्थिर रहता है।
