Man ki veena se gunjit dhwani mangalam

Man ki veena se gunjit dhwani mangalam

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मन की वीणा से गुंजित ध्वनि मंगलम ,
स्वागतम , स्वागतम , स्वागतम , स्वागतम |
मन की वीणा से गुंजित ध्वनि मंगलम ,
स्वागतम , स्वागतम , स्वागतम , स्वागतम |

कैसा पावन सुहावन समय आज है,
आप आये अतिथियों के सरताज हैं ,
देव की भांति पूजन करें आज हम ,
स्वागतम , स्वागतम , स्वागतम , स्वागतम |
मन की वीणा से गुंजित ध्वनि मंगलम ,
स्वागतम , स्वागतम , स्वागतम , स्वागतम |

मन की बगिया से हमने हैं कलियाँ चुनी ,
श्रद्धा के फूलों से हमने माला बुनी ,
करते हिं तुमको अर्पित सुमन आज हम ,
स्वागतम , स्वागतम , स्वागतम , स्वागतम |
मन की वीणा से गुंजित ध्वनि मंगलम ,
स्वागतम , स्वागतम , स्वागतम , स्वागतम

Swagatam Song (Hinglish Version)

Man ki veena se gunjit dhwani mangalam, Swagatam, swagatam, swagatam, swagatam.

Kaisa paavan suhaavan samay aaj hai, Aap aaye atithiyon ke sartaaj hain, Dev ki bhaanti poojan karein aaj hum, Swagatam, swagatam, swagatam, swagatam.

Man ki bagiya se humne hain kaliyan chuni, Shraddha ke phoolon se humne maala buni, Karte hain tumko arpit suman aaj hum, Swagatam, swagatam, swagatam, swagatam.


Blog Post Explanation: The Essence of the Song

जब हम किसी का तहे दिल से स्वागत करते हैं, तो शब्द कम पड़ जाते हैं। यह गीत उन्हीं भावनाओं को सुरों में पिरोता है। आइए जानते हैं इसके हर अंतरे का गहरा अर्थ:

1. मन की वीणा और मंगल ध्वनि (The Auspicious Sound)

गीत की शुरुआत “मन की वीणा” से होती है। जिस तरह वीणा से मधुर संगीत निकलता है, उसी तरह हमारे मन के भीतर से आपके आगमन पर खुशी की मंगल ध्वनियाँ गूंज रही हैं। यह केवल एक औपचारिक स्वागत नहीं, बल्कि आत्मा से निकला हुआ ‘सुस्वागतम’ है।

2. अतिथियों के सरताज (The Crown of Guests)

यहाँ अतिथि (Guest) को केवल एक आगंतुक नहीं, बल्कि “अतिथियों का सरताज” (The head or crown of guests) कहा गया है। भारतीय संस्कृति में “अतिथि देवो भव” की परंपरा है, इसलिए गीत में उन्हें देवता के समान पूजनीय मानकर उनका सत्कार करने की बात कही गई है।

3. श्रद्धा के फूल (Flowers of Devotion)

स्वागत के लिए केवल बगीचे के फूल ही काफी नहीं होते। कवि कहता है कि हमने अपने “मन की बगिया” से प्रेम और श्रद्धा (Faith/Respect) की कलियाँ चुनी हैं और उनकी माला पिरोई है। ये पुष्प (Suman) हम आपको सादर समर्पित करते हैं।

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