है भोलेनाथ की शादी हम तो नाचेंगे,
Hai Bholenath ki shaadi hum to naachenge
भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह के उल्लास से भरे अत्यंत लोकप्रिय और ऊर्जावान भजन “Hai Bholenath Ki Shaadi Hum To Nachenge” का संपूर्ण भावार्थ (Bhavarth), उत्पत्ति (Origin), सुनने का समय (Practices Time) और महत्व (Importance) विस्तार से जानें। हंसराज रघुवंशी द्वारा गाए इस गीत की पूरी जानकारी और FAQs के लिए यह लेख पढ़ें।
है भोलेनाथ की शादी हम तो नाचेंगे,
| है भोलेनाथ की शादी हम तो नाचेंगे, है भोलेनाथ की शादी हम तो नाचेंगे… पिया है भांग बजी है बीट, चढ़ी है मस्ती गायेंगे गीत, छोड़ के सारी फिक्रा खुशियां बाटेंगे… है भोलेनाथ की शादी हम तो नाचेंगे, है भोलेनाथ की शादी हम तो नाचेंगे… दुल्हन बनी है गौरा मैया, नंदी पे है शंकर शम्भू, सखियाँ छेड़ रही गौरा को, बाराती बड़े भयंकर, मची है धूम रहे सारे घूम, रहे सारे घूम मची है धूम, अजी चाँद सितारे आसमान से झाकेंगे… है भोलेनाथ की शादी हम तो नाचेंगे, है भोलेनाथ की शादी हम तो नाचेंगे… युगो युगो में बनती है कभी, शिव गौरा सी जोड़ी, एक भभूति वाले बाबा, गौरा गौरी गौरी, प्यार का खेल हुए है मेल, हुए है मेल प्यार का खेल, योगी संग राजकुमारी दुख सुख बाटेंगे… है भोलेनाथ की शादी हम तो नाचेंगे, है भोलेनाथ की शादी हम तो नाचेंगे… बगड़ बम्ब बम बबम बम बबम, बबम बम बबम बबम बम बबम, बबम बम बबम बबम बम बबम, बम भोले, शंभू… बगड़ बम्ब बम बबम बम बबम, बबम बम बबम बबम बम बबम, बबम बम बबम बबम बम बबम, बम भोले… जगमग करती शहर की गालियाँ, बटने लगी मिठाइयां, रवि राज की ओर से सबको, लख लख हौण बधाइयां, हँसराज की ओर से सबको, लख लख हौण बधाइयां, लो शिव का नाम बनेंगे काम, हाँ सुबह शाम लो शिव का नाम, शिव कष्ट हमारे पलभर क्षण में काटेंगे… है भोलेनाथ की शादी हम तो नाचेंगे, है भोलेनाथ की शादी हम तो नाचेंगे… है भोलेनाथ की शादी हम तो नाचेंगे, है भोलेनाथ की शादी हम तो नाचेंगे… |
Hai Bholenath ki shaadi hum to naachenge
Hai Bholenath ki shaadi hum to naachenge,
Hai Bholenath ki shaadi hum to naachenge…
Piya hai bhaang, baji hai beat,
Chadhi hai masti, gayenge geet,
Chhod ke saari fikra, khushiyaan baatenge…
Hai Bholenath ki shaadi hum to naachenge,
Hai Bholenath ki shaadi hum to naachenge…
Dulhan bani hai Gaura Maiyya,
Nandi pe hai Shankar Shambhu,
Sakhiyan chhed rahi Gaura ko,
Baraati bade bhayankar,
Machi hai dhoom, rahe saare ghoom,
Rahe saare ghoom machi hai dhoom,
Aji chaand sitaare aasmaan se jhaakenge…
Hai Bholenath ki shaadi hum to naachenge,
Hai Bholenath ki shaadi hum to naachenge…
Yugo yugo mein banti hai kabhi,
Shiv Gaura si jodi,
Ek bhabhuti waale Baba,
Gaura Gauri Gauri,
Pyaar ka khel hua hai mel,
Hua hai mel pyaar ka khel,
Yogi sang Rajkumari dukh sukh baatenge…
Hai Bholenath ki shaadi hum to naachenge,
Hai Bholenath ki shaadi hum to naachenge…
Bagad bamb bam babam bam babam,
Babam bam babam babam bam babam,
Babam bam babam babam bam babam,
Bam Bhole, Shambhu…
Bagad bamb bam babam bam babam,
Babam bam babam babam bam babam,
Babam bam babam babam bam babam,
Bam Bhole…
Jagmag karti sheher ki galiyan,
Batne lagi mithaiyaan,
Ravi Raj ki aur se sabko,
Lakh lakh hon badhaiyaan,
Hansraj ki aur se sabko,
Lakh lakh hon badhaiyaan,
Lo Shiv ka naam banenge kaam,
Haan subah shaam lo Shiv ka naam,
Shiv kasht humare palbhar kshan mein kaatenge…
Hai Bholenath ki shaadi hum to naachenge,
Hai Bholenath ki shaadi hum to naachenge…
Hai Bholenath ki shaadi hum to naachenge,
Hai Bholenath ki shaadi hum to naachenge…
| है भोलेनाथ की शादी हम तो नाचेंगे (Hai Bholenath Ki Shaadi) – संपूर्ण विवरण और महिमा सनातन धर्म में ‘शिव विवाह’ (महाशिवरात्रि) को सबसे बड़े उत्सवों में से एक माना जाता है। भगवान शिव, जो एक वैरागी हैं, उनका माता पार्वती (गौरा) के साथ विवाह संपूर्ण ब्रह्मांड के लिए एक अद्भुत और आनंदमयी घटना है। “Hai Bholenath Ki Shaadi Hum To Nachenge” एक आधुनिक, अत्यंत ऊर्जावान और युवाओं के बीच प्रचंड रूप से लोकप्रिय शिव भजन है। यह गीत शिव की बारात, भक्तों की मस्ती और इस अनोखे विवाह के उल्लास को बहुत ही शानदार तरीके से प्रस्तुत करता है। इस विस्तृत लेख में हम इस मनमोहक गीत का भावार्थ (Bhavarth), इसकी उत्पत्ति (Origin), इसके गान और सुनने का सही समय (Practices Time), इसका महत्व (Importance) और इससे जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs) प्रस्तुत कर रहे हैं। गीत की प्रमुख पंक्तियाँ (Selected Lyrics) भगवान शिव के विवाह के जश्न में डूबे इस मनमोहक गीत की प्रारंभिक पंक्तियाँ इस प्रकार हैं: है भोलेनाथ की शादी हम तो नाचेंगे, है भोलेनाथ की शादी हम तो नाचेंगे… पिया है भांग बजी है बीट, चढ़ी है मस्ती गायेंगे गीत… विस्तृत विवरण और उत्पत्ति (Description and Origin of Hai Bholenath Ki Shaadi) Description & Origin: यह गीत पारंपरिक वैदिक भजनों से थोड़ा अलग, एक ‘मॉडर्न डिवोशनल सॉन्ग’ (Modern Devotional Song) है। इसकी रचना और गायन मुख्य रूप से प्रसिद्ध शिव-भक्त और गायक हंसराज रघुवंशी (Hansraj Raghuwanshi) और रवि राज द्वारा किया गया है। इस गीत का Origin शिव-पार्वती विवाह की पौराणिक कथाओं से प्रेरित है, लेकिन इसे प्रस्तुत करने का तरीका पूरी तरह से आधुनिक और ‘युवा-केंद्रित’ है। इसमें “बजी है बीट” जैसे शब्दों का प्रयोग इसे आज की पीढ़ी से जोड़ता है। गीत में ‘बगड़ बम्ब बम बबम बम’ का जो नाद है, वह श्रोताओं के भीतर एक अद्भुत ऊर्जा (Vibe) और उत्साह भर देता है। यह गीत विशेष रूप से महाशिवरात्रि के अवसर पर रिलीज़ किया गया था और बहुत ही कम समय में यह जागरण, कांवड़ यात्रा और विवाह समारोहों की जान बन गया। संपूर्ण भावार्थ (Bhavarth of Hai Bholenath Ki Shaadi) यह गीत शिव विवाह के अद्भुत दृश्यों और भक्तों की खुशी का जीता-जागता चित्र है। आइए, इसके विषयों के आधार पर इसका Bhavarth विस्तार से समझें: भक्तों की मस्ती और उल्लास भजन की शुरुआत में ही भक्त अपने परम आनंद को व्यक्त कर रहे हैं। आज भोलेनाथ की शादी है, इसलिए भक्त अपनी सारी चिंताएं (फिक्र) भूलकर केवल खुशियां बांटना चाहते हैं। भक्ति रूपी भांग पीने के बाद भक्तों पर ऐसी मस्ती चढ़ी है कि वे संगीत की बीट पर जमकर नाचना और गीत गाना चाहते हैं। अनोखी बारात और सुंदर दुल्हन गीत का यह हिस्सा शिव पुराण के दृश्यों को दर्शाता है। माता गौरा (पार्वती) अत्यंत सुंदर दुल्हन बनी हैं, और दूल्हे राजा शिव अपने वाहन ‘नंदी’ (बैल) पर सवार होकर आ रहे हैं। सखियां दुल्हन गौरा को छेड़ रही हैं। शिव की बारात बहुत ही भयंकर है (जिसमें भूत, प्रेत और गण शामिल हैं)। इस अनोखी बारात की धूम ऐसी मची है कि आसमान से चाँद और सितारे भी छुप-छुप कर (झांक कर) यह नज़ारा देख रहे हैं। योगी और राजकुमारी का अद्भुत मेल गीतकार कहता है कि ऐसी जोड़ी युगों-युगों में एक बार ही बनती है। कहाँ पूरे शरीर पर भस्म (राख) लगाने वाले एक वैरागी बाबा (भोलेनाथ), और कहाँ राजा हिमालय की परम सुंदर और सुकुमार पुत्री माता गौरा! यह प्यार का एक अद्भुत खेल है जहाँ एक परम योगी और एक राजकुमारी का मेल हुआ है, और अब वे जीवन भर एक-दूसरे के सुख-दुख बांटेंगे। शिव नाम की महिमा और बधाइयां अंतिम पद्यांश में पूरे शहर (कैलाश/काशी) में उल्लास का माहौल है। गलियां जगमगा रही हैं और मिठाइयां बांटी जा रही हैं। गायक (हंसराज और रविराज) अपनी ओर से श्रोताओं को शिव विवाह की लाखों बधाइयां देते हैं। वे संदेश देते हैं कि सुबह-शाम शिव का नाम लो, क्योंकि भोलेनाथ की कृपा से बिगड़े काम बन जाते हैं और वे पल भर में भक्तों के सारे कष्ट काट देते हैं। सुनने और गायन का सही समय (Practices Time) चूँकि यह एक उत्सव, खुशी और ऊर्जा से भरपूर गीत है, इसलिए Practices Time of Hai Bholenath Ki Shaadi के लिए निम्न अवसर सबसे उत्तम माने जाते हैं: महाशिवरात्रि (Maha Shivaratri): इस गीत को सुनने और गाने का सबसे प्रमुख अवसर महाशिवरात्रि है, क्योंकि इसी दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। शिव-पार्वती विवाह महोत्सव: उत्तर भारत के कई मंदिरों में वसंत पंचमी या शिवरात्रि पर शिव-पार्वती विवाह का भव्य आयोजन होता है, जहाँ यह गीत अवश्य बजाया जाता है। कांवड़ यात्रा और सावन मास: सावन के महीने में शिव भक्तों (कांवड़ियों) के उत्साह को दोगुना करने के लिए यह गीत एक ‘एंथम’ (Anthem) की तरह बजता है। पारिवारिक विवाह समारोह: आजकल लोग अपने घरों के विवाह समारोहों (विशेषकर लेडीज संगीत या हल्दी) में भी शिव-आशीर्वाद के रूप में इस गीत पर नृत्य करना पसंद करते हैं। धार्मिक, सांस्कृतिक और मनोवैज्ञानिक महत्व (Importance) Importance of Hai Bholenath Ki Shaadi केवल इसके संगीत तक सीमित नहीं है, यह समाज और मनोविज्ञान पर भी गहरा प्रभाव डालता है: युवाओं का अध्यात्म से जुड़ाव (Connecting Youth to Spirituality) इस गीत की तेज़ बीट और आधुनिक शब्द-चयन ने युवा पीढ़ी को भगवान शिव की भक्ति से जोड़ने का एक बहुत बड़ा काम किया है। यह साबित करता है कि ईश्वर की भक्ति केवल शांत बैठकर ही नहीं, बल्कि आनंद और नृत्य के साथ भी की जा सकती है। भेदभाव रहित प्रेम का संदेश (Message of Unconditional Love) भस्म लगाने वाले योगी (शिव) और महलों की राजकुमारी (गौरा) का विवाह हमें यह सिखाता है कि सच्चा प्रेम और संबंध बाहरी रूप-रंग, धन या सुख-सुविधाओं पर निर्भर नहीं करता। यह आत्मा का आत्मा से मिलन है। तनाव और चिंताओं से मुक्ति (Relief from Stress) गीत की पंक्ति “छोड़ के सारी फिक्रा खुशियां बाटेंगे” एक बहुत बड़ी मनोवैज्ञानिक थेरेपी है। जब व्यक्ति पूरी तरह से शिव की भक्ति में डूबकर नाचता है, तो उसके शरीर से स्ट्रेस हार्मोन कम होते हैं और उसे असीम मानसिक शांति और खुशी मिलती है। |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: भगवान शिव की बारात को ‘भयंकर’ क्यों कहा गया है?
उत्तर: पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान शिव की बारात में केवल देवता ही नहीं, बल्कि भूत, प्रेत, पिशाच, डाकनी, शाकिनी और विभिन्न प्रकार के विचित्र गण शामिल हुए थे। ऐसी बारात पहले कभी नहीं देखी गई थी, इसलिए इसे ‘भयंकर’ लेकिन शुभ माना गया है।
प्रश्न 2: इस गीत में “बगड़ बम्ब बम बबम बम” का क्या अर्थ है?
उत्तर: यह कोई शाब्दिक अर्थ वाला वाक्य नहीं है, बल्कि यह डमरू की ध्वनि और शिव भक्तों द्वारा लगाए जाने वाले नाद (जयकारे) का एक संगीतमय रूप है। यह नाद शरीर में एक विशेष प्रकार का कंपन और ऊर्जा पैदा करता है।
प्रश्न 3: माता पार्वती (गौरा) को राजकुमारी क्यों कहा गया है?
उत्तर: माता पार्वती (गौरा) पर्वतों के राजा ‘हिमालय’ (हिमवान) और माता ‘मैनावती’ की पुत्री हैं। एक महान राजा की पुत्री होने के कारण वे राजकुमारी थीं, जिन्होंने शिव को पति रूप में पाने के लिए घोर तपस्या की थी।
प्रश्न 4: क्या इस गीत को रोज़मर्रा की पूजा में गाया जा सकता है?
उत्तर: यह मुख्य रूप से एक उत्सव और नृत्य का गीत (Celebration Song) है। दैनिक शांतिपूर्ण पूजा या आरती के समय पारंपरिक वैदिक भजनों का प्रयोग किया जाता है। हालांकि, यदि आप मन की खुशी और ऊर्जा के लिए इसे दिन में कभी भी सुनना चाहें, तो यह पूरी तरह से शुभ है।