सज रहे भोले बाबा निराले दूल्हे में saj rahe bhole baba nirale dulhe me

saj rahe bhole baba nirale dulhe me

saj rahe bhole baba nirale dulhe me : महाशिवरात्रि और शिव विवाह के पावन अवसर पर गाए जाने वाले अत्यंत लोकप्रिय भजन saj rahe bhole baba nirale dulhe me का अर्थ, महत्व और गाने की सही विधि जानें। भगवान शिव की भूत-प्रेतों वाली अनोखी बारात और उनके ‘निराले दूल्हे’ स्वरूप का आनंदमय वर्णन यहाँ पढ़ें।

सज रहे भोले बाबा निराले दूल्हे में

सज रहे भोले बाबा,
निराले दूल्हे में,
निराले दूल्हे में,
मतवाले दूल्हे में,
देखो भोले बाबा की,
अजब है बात,
चले है संग लेकर के,
भूतों की बारात,
सज रहें भोले बाबा,
निराले दूल्हे में।।

है भेस निराला, जय हो
पीये भंग का प्याला, जय हो
सर जटा चढ़ाये, जय हो
तन भसम लगाए, जय हो
ओढ़े मृगशाला, जय हो
गले नाग की माला, जय हो
है शीश पे गंगा, जय हो
मस्तक पे चंदा, जय हो
तेरे डमरू साजे, जय हो
त्रिशूल विराजे, जय हो
भूतों की लेके टोली,
चले है ससुराल,
शिव भोले जी दिगंबर,
हो बैल पे सवार,
सज रहें भोले बाबा,
निराले दूल्हे में।।

नित रहें अकेले, जय हो
शंकर अलबेले, जय हो
हैं गुरु जगत के, जय हो
नहीं किसी के चेले, जय हो
है भांग का जंगल, जय हो
जंगल में मंगल, जय हो
भूतों की पल्टन, जय हो
आ गयी है बन ठन, जय हो
ले बांग का गठ्ठा, जय हो
ले कर सिल बट्टा, जय हो
सब घिस रहें है, जय हो
हो हक्का बक्का, जय हो
पी कर के प्याले, जय हो
हो गए मतवाले, जय हो
कोई नाचे गावे, जय हो
कोई ढोल बजावे, जय हो
कोई भौं बतलावे, जय हो
कोई मुंह पिचकावे, जय हो
भोले भंडारी, जय हो
पहुंचे ससुरारी, जय हो
सब देख के भागे, जय हो
सब नर और नारी, जय हो
कोई भागे अगाड़ी, जय हो
कोई भागे पिछाड़ी, जय हो
खुल गयी किसी की, जय हो
धोती और साड़ी, जय हो
कोई कूदे खम्बम, जय हो
कोई बोले बम बम, जय हो
कोई कद का छोटा, जय हो
कोई एकदम मोटा, जय हो
कोई तन का लम्बा, जय हो
कोई ताड़ का खम्बा, जय हो
कोई है इक टंगा, जय हो
कोई बिलकुल नंगा, जय हो
कोई एकदम काला, जय हो
कोई दो सीर वाला, जय हो
‘शर्मा’ गुण गए, जय हो
मन में हर्षाए, जय हो
त्रिलोक के स्वामी, जय हो
क्या रूप बनाए, जय हो
भोले के साथी, जय हो
है अजब बराती, जय हो
भूतों की लेके टोली,
चले है ससुराल,
शिव भोले जी दिगंबर,
हो बैल पे सवार,
सज रहें भोले बाबा,
निराले दूल्हे में।।

सज रहे भोले बाबा,
निराले दूल्हे में,
निराले दूल्हे में,
मतवाले दूल्हे में,
देखो भोले बाबा की,
अजब है बात,
चले हैं संग लेकर के,
भूतों की बारात,
सज रहें भोले बाबा,
निराले दूल्हे में।।

Explanation and Proper Reference (व्याख्या और संदर्भ)

यह भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह (Shiv Vivah) प्रसंग पर आधारित एक बेहद ही आनंदमयी, हास्य-रस से परिपूर्ण और उल्लासपूर्ण भजन है।

  • The Context (प्रसंग): शिव पुराण के अनुसार, जब भगवान शिव माता पार्वती से विवाह करने राजा हिमालय के नगर पहुँचे, तो उनका स्वरूप किसी सामान्य राजकुमार जैसा नहीं था। इस भजन की केंद्रीय पंक्ति saj rahe bhole baba nirale dulhe me इसी बात को दर्शाती है कि महादेव एक अत्यंत अनोखे (निराले) दूल्हे के रूप में सजे हुए थे।
  • The Central Theme (मूल भाव): भजन में महादेव के अनोखे शृंगार (तन पर भस्म, गले में नाग, सिर पर जटाएं और गंगा) और उनकी अजीबोगरीब बारात (भूतों की टोली) का बड़ा ही सजीव और मनोरंजक वर्णन है। जब saj rahe bhole baba nirale dulhe me गाते हुए भक्त शिव की इस मतवाली बारात का वर्णन करते हैं, तो इसमें यह भी बताया जाता है कि कैसे भूत-प्रेतों की इस टोली को देखकर ससुराल के नर-नारी डर कर भागने लगे थे।

How and When to Sing (सही समय और गाने की विधि)

यह कोई शांत भजन नहीं है, बल्कि यह एक उत्सवी गीत (Festive song) है। जब भी शिव भक्त इस भजन को गाते हैं, तो माहौल में एक अलग ही मस्ती छा जाती है।

Proper Time (सही समय):

  • Best Occasions: यह भजन महाशिवरात्रि (Maha Shivaratri) की रात्रि प्रहर की पूजा में, शिव विवाह के आयोजनों में, और सावन (Sawan) के महीने में शिव बारात निकालते समय विशेष रूप से गाया जाता है।
  • Best Vibe: जब भी आप शिव जी के उत्सव या जागरण में हों, तब saj rahe bhole baba nirale dulhe me गाना पूरे माहौल को जीवंत कर देता है।

Proper Method (सही विधि):

  1. Musical Instruments (वाद्ययंत्र): इसे तेज़ ताल वाले वाद्ययंत्रों जैसे ढोलक (Dholak), मंजीरा, डमरू, और नगाड़े की थाप पर गाया जाना चाहिए।
  2. Singing Style (गायन शैली): इस भजन की खासियत इसके बीच में आने वाला “जय हो” (Jai ho) का उद्घोष है। मुख्य गायक पंक्ति गाता है (जैसे: है भेस निराला) और सभी श्रोता एक साथ उत्साह से “जय हो” कहते हैं।
  3. Mindset: इसे गाते समय आपके भीतर एक बाराती (Wedding guest) का उत्साह होना चाहिए, जो अपने आराध्य को एक अनोखे दूल्हे के रूप में देखकर आनंदित हो रहा है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Q1: भजन की मुख्य पंक्ति “saj rahe bhole baba nirale dulhe me” का क्या अर्थ है?
A: इसका अर्थ है कि भगवान शिव (भोले बाबा) एक बहुत ही अनोखे, अद्भुत और मतवाले दूल्हे (Nirala Dulha) के रूप में सज-धज कर अपनी शादी के लिए तैयार हो रहे हैं। उनका यह रूप दुनिया के सभी दूल्हों से बिल्कुल अलग है।

Q2: शिव जी को ‘निराला दूल्हा’ (Unique Groom) क्यों कहा गया है?
A: सामान्य दूल्हे सुंदर वस्त्र और आभूषण पहनते हैं, लेकिन शिव जी saj rahe bhole baba nirale dulhe me—उन्होंने बाघ की खाल (मृगशाला) पहनी है, शरीर पर चिता की भस्म लगाई है, और आभूषणों की जगह गले में भयंकर सांप (नाग की माला) लपेटे हुए हैं। उनकी सवारी कोई सजी हुई घोड़ी नहीं, बल्कि नंदी बैल (बैल पे सवार) है।

Q3: शिव जी की बारात में कौन-कौन शामिल था, जिससे ससुराल वाले डर गए?
A: भजन की पंक्तियों (कोई कद का छोटा, कोई एकदम मोटा, कोई एक टंगा…) के अनुसार, उनकी बारात में देवता, भूत, प्रेत, पिशाच, और अनेक प्रकार के विचित्र गण शामिल थे। जब यह अजीबोगरीब बारात राजा हिमालय के नगर (ससुरारी) पहुँची, तो वहाँ के सभी नर-नारी डरकर भागने लगे।

Q4: शिव विवाह के भजनों में इतना उल्लास और मस्ती क्यों होती है?
A: शिव जी को सभी देवों में सबसे भोला और वैरागी माना जाता है। उनके इस वैराग्यपूर्ण जीवन में विवाह एक अत्यंत मंगलमयी घटना है। जब भक्त saj rahe bhole baba nirale dulhe me गाते हैं, तो वे शिव के उस सुलभ और प्रेमपूर्ण स्वरूप का जश्न मनाते हैं, जो ऊंच-नीच, सुंदर-असुंदर, देवता-दानव सभी को समान रूप से अपनाते हैं।

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