उद्धार करो भगवान तुम्हरी शरण पड़े
Uddhar karo Bhagwan Tumhari Sharan Pade
उद्धार करो भगवान तुम्हरी शरण पड़े
उद्धार करो भगवान तुम्हरी शरण पड़े
भव पार करो भगवान तुम्हरी शरण पड़े…
शरण पड़े शरण पड़े ~~2
कैसे तेरा नाम धियाए
कैसे तुम्हरी लगन लगाए
हृदय जगादो ज्ञान.
तुम्हरी शरण पड़े…
पन्थ मतों की सुन सुन बातें
द्वार तेरे तक पहुँच न पाते
भटके बीच जहान
तुम्हरी शरण पड़े…
तू ही श्यामल कृष्ण मुरारी
राम तुही गणपति त्रिपुरारी
तुम ही बने हनुमान.
ऐसी अंतर ज्योत जगाना.
हम दीनो को शरण लगाना
हे प्रभु दया निधान
तुम्हरी शरण पड़े…
4 thoughts on “उद्धार करो भगवान तुम्हरी शरण पड़े Uddhar karo Bhagwan Tumhari Sharan Pade”